मेरठ में रविवार को कोरोना वायरस के आठ नए मामले सामने आए हैं। ये सभी कोरोना पाॅजिटिव महाराष्ट्र के अमरावती से मेरठ लौटे खुर्जा निवासी व्यक्ति के ही परिवार के हैं। उधर, पहले कोरोना पाॅजिटिव ने पुलिस पूछताछ में वायरस के लक्षणों के बारे में अनभिज्ञ होने पर अफसोस जताया है जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को स्पंज (खारिज) कर दिया है।
मेरठ में एक ही दिन में आठ नए मामलों के बाद से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। स्वास्थ्य विभाग की 600 टीमों को 24 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के क्षे़त्रों में सर्च अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक 607 लोग स्वास्थ्य टीम की निगारानी में हैं जबकि 26 आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं।
पाॅजिटिव मरीज के खिलाफ जहां लापरवाही बरतने और पहले से जांच न कराने को लेकर नौचंदी थाने में रविवार दोपहर दर्ज की गई एफआईआर को खारिज कर दिया है। पुलिस के अनुसार उसके ठीक होने तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वहीं आईसालेेशन वार्ड में भर्ती होने के बाद कोरोना पाॅजिटिव मरीज ने पूछताछ में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और पुलिस को पूरी कहानी बताई।
कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने व्यक्ति से पूछताछ की तो उसका कहना था कि उसे जरा भी जानकारी नहीं थी कि उसे कोरोना वायरस हो गया है। वह तो इसे सामान्य बुखार ही समझ रहा था।
इस मरीज ने कहा कि मैं जब महाराष्ट्र से मेरठ के लिए चला था तब तबीयत ठीक थी। यहां आने के बाद भी ठीक रहा। असल तबीयत 24 मार्च को खराब हुई। तब मुझे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गयाए जहां पता चला कि मुझे कोरोना वायरस है।
कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने व्यक्ति से पूछताछ की तो उसका कहना था कि उसे जरा भी जानकारी नहीं थी कि उसे कोरोना वायरस हो गया है। वह तो इसे सामान्य बुखार ही समझ रहा था।
इस मरीज ने कहा कि मैं जब महाराष्ट्र से मेरठ के लिए चला था तब तबीयत ठीक थी। यहां आने के बाद भी ठीक रहा। असल तबीयत 24 मार्च को खराब हुई। तब मुझे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गयाए जहां पता चला कि मुझे कोरोना वायरस है।